Gandhiwad Rahe na Rahe (PB)

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  • Product Code:ISBN: 978-9385450235
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मनुष्य के लिए प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग अपरिहार्य है लेकिन गांधीजी के लिए संसाधनों की आपूर्ति कुछ वैसी ही होनी चाहिए जैसे मधुमक्खियाँ मधु संचय करती हैं । फूलों से रस लेने के क्रम में मधुमक्खियाँ फूलों को कोई हानि नहीं पहुँचाती, बल्कि परागण की प्रक्..

मनुष्य के लिए प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग अपरिहार्य है लेकिन गांधीजी के लिए संसाधनों की आपूर्ति कुछ वैसी ही होनी चाहिए जैसे मधुमक्खियाँ मधु संचय करती हैं । फूलों से रस लेने के क्रम में मधुमक्खियाँ फूलों को कोई हानि नहीं पहुँचाती, बल्कि परागण की प्रक्रिया में योगदान कर फूलों में बीज पैदा हो, यह संभव बनाती हैं । गीता के उपदेश को आत्मसात करने वाले महात्मा गांधी के लिए जीवन में किये जाने वाले सारे प्रयास यहाँ हैं । -सच्चिदानन्द सिन्हा

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