सिनेमा | Cinema

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Bhulaye Na Bane (HB)

₹300.00

शरद दत्त सन् 1946 में जन्मे शरद दत्त की विगत 40 बरसों से इलेक्ट्रानिक मीडिया में जीवंत उपस्थिति रही है । दिल्ली दूरदर्शन के बहुआयामी प्रोड्यूसर रहे । खुशवंत सिंह के साथ अत्यंत प्रतिष्ठित और बहुचर्चित धारावाहिक 'वर्ल्ड ऑफ नेचर' के निर्माता-निर्देशक । ..

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Cinema Samay (PB)

Cinema Samay (PB)

₹100.00

₹120.00

इस देश की कई महान विडम्बनाओं में एक यह भी है कि यहाँ संसार की सबसे ज्"यादा फ़िल्में बनती हैं जिन्हें दुनिया का सबसे बड़ा दर्शक-वर्ग देखता है लेकिन एक कला के रूप में सिनेमा की जितनी उपेक्षा और अवमानना यहाँ होती है उतनी इस्लामी विश्व को छोड़ कर, जिसकी वजह..

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Director Cut : Hindi Cinema ke Shuruati ...

Director Cut : Hindi Cinema ke Shuruati ...

₹280.00

₹350.00

बोलती फिल्मों का दौर आने तक फिल्म अभिनय को एक सम्मानजनक पेशा नहीं समझा जाता था, इसलिये नारी पात्रों के लिये लड़कियाँ नहीं मिल पाती थीं और नौजवान लड़कों को ही जनाना मेकअप करके काम चला लिया जाता था । धीरे-धीरे इन पात्रों के लिये नाच-गाने के पेशे वाली लड़क..

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Hindi Cinema Ke Geetkar (HB)
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Hindi Cinema Ke Geetkar (PB)
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Hindi Cinema ke Khalnayak (HB)
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Hindi Cinema ke Khalnayak (PB)
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Hindi Cinema Ke Kuch Jane-Anjane Fankar

Hindi Cinema Ke Kuch Jane-Anjane Fankar

₹280.00

₹350.00

पहले मूक फि'ल्मों का ज़माना था दादा साहब फाल्के ने 1913 में मूक फि'ल्म राजा हरिश्चन्द बनाई थी परन्तु 1931 में फि'ल्म "आलम आरा" बनने के बाद बोलती फि'ल्मों का दौर आरम्भ हुआ और अब चलचित्र हमारे मनोरंजन का एक महत्त्वपूर्ण माध्यम बन गया है । हिंदी फि'ल्म न..

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Jivan Ko Gadhati Filme (HB)

Jivan Ko Gadhati Filme (HB)

₹280.00

₹350.00

यह सिनेमा की ही क्षमता है कि वह स्थलों, पात्रों चीजों को उनके वास्तविक कद में दिखा सकता है, और किसी इमेज को दोगुना-चैगुना भी कर सकता है । (किसी खास प्रभाव के लिए) यह भी सिनेमा की ही क्षमता है कि हम आम जीवन में राह चलते, किसी स्त्री या पुरुष की पीठ ही..

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